1856 में अवध के समामेलन (annexation) के तत्काल बाद अवध में ब्रिटिश नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
- तालुकदारों की भूसंपत्ति ज़ब्त कर ली गई, किंतु उन्हें अपने अस्त्र-शस्त्र और किले अधिकार में रखने दिए गए।
- तालुकदारों को बाहरी व्यक्ति मानते हुए 1856 में संक्षिप्त राजस्व बंदोबस्त किया गया था ।
- ब्रिटिश, तालुकदारों को हटाकर, कृषकों से सीधे राजस्व लेने में विश्वास करते थे ।
उपर्युक्त में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं ?
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
केवल 2
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Correct Answer: A — केवल 2 और 3
Explanation:
अवध में ब्रिटिश बंदोबस्त नीति तालुqdars के प्रति प्रतिकूल थी। कथन 2 सही है, क्योंकि संक्षिप्त भू-राजस्व बंदोबस्त में तालुqdars को बाहरी या कब्जाधारी के रूप में देखा गया। कथन 3 भी सही है, क्योंकि ब्रिटिश तालुqdar नियंत्रण कमजोर करके किसानों से अधिक प्रत्यक्ष रूप से राजस्व लेना चाहते थे। कथन 1 गलत है, क्योंकि हथियार और किलों को बनाए रखने वाला वर्णन समर्थित नहीं है।
