सुश्री X, एक मध्यम-स्तरीय सिविल सेवा अधिकारी हैं, जो एक प्रमुख नगर के शहरी विकास विभाग में कार्यरत हैं । हाल ही में, वे एक सार्वजनिक अवसंरचना परियोजना – नए सामुदायिक उद्यान हेतु संविदा की अनुमोदन प्रक्रिया में सम्मिलित थीं । अनुमोदन प्रक्रिया के दौरान, उन्हें एक गोपनीय सूचना प्राप्त होती है, जिसमें इसका उल्लेख है कि चयनित सूची में सम्मिलित एक संविदाकार के अन्य नगरों में घटिया कार्य-शैली और भ्रष्टाचार के आरोपों का पूर्ववृत्त रहा है, यद्यपि विधि द्वारा कुछ भी प्रमाणित नहीं हुआ है। विभागाध्यक्ष श्री Y, उन्हें इस सूचना को परियोजना समिति अथवा जनता के समक्ष प्रकट न करने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे परियोजना में विलंब हो सकता है और नगर की प्रतिष्ठा को हानि हो सकती है । हालाँकि, सुश्री X का मानना है कि ऐसी सूचना को रोकना, पारदर्शिता और जनता के विश्वास से समझौता करना होगा ।
अब, सुश्री X को निम्नलिखित में से क्या करना चाहिए ?
- परियोजना समिति और जनता के समक्ष तत्काल सूचना को प्रकट करना चाहिए
- परियोजना की संपूर्णता (integrity) के संरक्षण के लिए चयनित सूची से संविदाकार को हटाने की अनुशंसा करनी चाहिए
- कुछ समय के लिए जनता से इस सूचना को गोपनीय रखते हुए, किसी निरीक्षण समिति को एक 'सीमित प्रकटीकरण' प्रस्तावित करना चाहिए
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
केवल 1 और 2
केवल 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
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Correct Answer: B — केवल 3
Explanation:
इस प्रश्न को प्रक्रियात्मक शुचिता (procedural integrity) के आधार पर समझना सबसे उपयुक्त है। कार्रवाई 2 गलत मानी जाती है, क्योंकि केवल आरोपों के आधार पर ठेकेदार को तुरंत हटाना natural justice के विरुद्ध है। कार्रवाई 3 सही है, क्योंकि सीमित प्रकटीकरण किसी oversight body को करने से due process और institutional hierarchy बनी रहती है। अतः अधिक सुरक्षित UPSC-शैली उत्तर केवल 3 है।
