भारत सरकार के सागरमाला कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
I. सागरमाला कार्यक्रम का उद्देश्य लागत-प्रभावी और संधारणीय तटीय अवसंरचना के माध्यम से पत्तन-आधारित आर्थिक विकास को प्राप्त करना है।
II. सागरमाला कार्यक्रम की सफलता वैश्विक पत्तन रैंकिंग में सुधार के साथ ही तटीय और अंतर्देशीय जलमार्गय पोत परिवहन में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि में परिलक्षित होती है।
III. सागरमाला 2.0 का लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की भविष्य-दृष्टि (विजन) के अनुरूप एक वैश्विक समुद्री नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
उपर्युक्त कथनों के बीच में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से संबंध सही है/हैं ?
- कथन II, कथन I में परिकल्पित रणनीतियों की प्रभाविता को अभिपुष्ट करता है।
- कथन III, कथन I के लक्ष्यों को भविष्य-उन्मुखी नवाचार ढाँचे में अंतःस्थापित करने के माध्यम से उन्हें विस्तारित करता है।
- आधुनिक नवाचार के स्थान पर केवल पारंपरिक अवसंरचना पर केंद्रित होने के कारण कथन I, कथन III का खंडन करता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
केवल 1
1 और 2
2 और 3
केवल 3
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Correct Answer: B — 1 और 2
Explanation:
कथन II यह दिखाता है कि कथन I में निहित बंदरगाह-आधारित विकास की सोच से मापनीय परिणाम मिले हैं। कथन III उसी कार्यक्रम-तर्क को भविष्य उन्मुख समुद्री नवाचार ढाँचे तक बढ़ाता है। कथन I, कथन III का विरोध नहीं करता। अतः संबंध 1 और 2 सही हैं।
