1.
जैन धर्म में मान्यता-प्राप्त जीवन के अस्तित्व के चार मुख्य रूपों में, निम्नलिखित में से कौन-सा सम्मिलित नहीं है ?
A
देव (ईश्वर)
B
यक्ष (अर्धदेव)
C
मनुष्य (मानव)
D
तिर्यंच (पशु और पादप)
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Correct Answer: B — यक्ष (अर्धदेव)
Explanation:
जैन दर्शन में अस्तित्व के चार मुख्य रूप देव, मनुष्य, तिर्यंच और नारकी माने जाते हैं। यक्ष इस चारfold वर्गीकरण में शामिल नहीं है। अतः यक्ष वह विकल्प है जो इसमें नहीं आता।
