1.
भारत में स्थानीय-मान पद्धति (place-value system) के उपयोग से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
- भारत में स्थानीय-मान पद्धति का सर्वप्रथम उत्कीर्ण-अभिलेखीव उपयोग गुजरात की मनकणी पट्टिकाओं (595-596 AD) में मिलता है।
- नवीं शताब्दी में, संपूर्ण भारत में उत्कीर्ण लेखों में स्थानीय-मान सामान्य हो जाते हैं।
- दक्षिण-पूर्व एशिया में संस्कृत के उत्कीर्ण लेखों में स्थानीय-मान सातवीं शताब्दी के प्रारंभ से ही मिलते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
A
केवल 1 और 2
B
केवल 1 और 3
C
केवल 2 और 3
D
1, 2 और 3
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Correct Answer: D — 1, 2 और 3
Explanation:
स्थान-मूल्य पद्धति के उपयोग और प्रसार से जुड़े तीनों कथन सही माने गए हैं। प्रारम्भिक अभिलेखीय साक्ष्य इसके उपयोग का समर्थन करते हैं। नौवीं शताब्दी तक इसका व्यापक अभिलेखीय उपयोग भी स्वीकार किया जाता है। दक्षिण-पूर्व एशिया के संस्कृत अभिलेखों में इसका प्रारम्भिक उपयोग भी स्वीकार किया जाता है।
