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निम्नलिखित में से किस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने चिकित्सा पेशेवरों की जवाबदेही और अस्पतालों द्वारा प्रदान की जाने वाली चिकित्सा सेवा के दृष्टिकोण में गुणात्मक परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया था?
Correct Answer: B — इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बनाम वी.पी. शांता और अन्य
सही उत्तर है B: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन बनाम वीपी शांता (1996 एआईआर 550)।
यह मामला भारत में चिकित्सा पेशे पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 (सीओपीआरए) की प्रयोज्यता को स्पष्ट करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि सीओपीआरए के तहत 'सेवाओं' की परिभाषा स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा क्षेत्र को शामिल करने के लिए पर्याप्त व्यापक है। यदि सेवाएं भुगतान की गई हैं तो डॉक्टरों और चिकित्सा व्यवसायियों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं अधिनियम के अंतर्गत आती हैं। धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए निःशुल्क प्रदान की जाने वाली सेवाएं इस परिभाषा के अंतर्गत नहीं आती हैं।