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अभिकथन: परिसीमा अधिनियम, 1963, ऋण की वसूली के लिए विधिक कार्रवाई शुरू करने के लिए सीमा अवधि बढ़ाने के लिए ऋण की पावती की अनुमति देता है।
कारण: यह प्रावधान देनदारों को अपने दायित्वों को स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करता है और लेनदारों को उचित समय सीमा के भीतर अपने अधिकारों को लागू करने का अवसर प्रदान करता है।
Correct Answer: A — अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण, अभिकथन की व्याख्या करता है।
कि अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है। परिसीमा अधिनियम, 1963 में उस समय सीमा से संबंधित प्रावधान शामिल हैं जिसके भीतर ऋण सहित विभिन्न प्रकार के अभिकथनों के लिए विधिक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।