तीन-चरण प्रणाली में, जिस क्रम में ____________ अपना अधिकतम धनात्मक मान प्राप्त करते हैं, उसे चरण अनुक्रम कहते हैं।
शक्ति
वोल्टेज
प्रतिरोध
धारा
Answer and explanation
सही उत्तर है B: वोल्टेज।
तीन-चरण प्रणाली में चरण अनुक्रम उस क्रम को संदर्भित करता है जिसमें तीन चरणों के वोल्टेज अपना अधिकतम धनात्मक मान प्राप्त करते हैं।
कार्य सिद्धांत:
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तीन-चरण प्रणाली में चरणों को R, Y और B (या A, B, C) के रूप में नामित किया जाता है।
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वोल्टेज ज्यावक्रीय होते हैं और एक-दूसरे से 120 डिग्री पर विस्थापित होते हैं।
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धनात्मक (मानक) अनुक्रम में वोल्टेज R → Y → B क्रम में शिखर पर पहुँचते हैं।
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अनुक्रम को उलटने (जैसे R → B → Y) से मोटर की घूर्णन दिशा बदल जाती है।
चरण अनुक्रम का महत्व:
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मोटर घुमाव: चरण अनुक्रम सीधे तीन-चरण मोटरों की घूर्णन दिशा निर्धारित करता है। गलत अनुक्रम से विपरीत घुमाव होता है जिससे उपकरण क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
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शक्ति वितरण: तीन-चरण आपूर्ति से जुड़े सभी उपकरणों के उचित संचालन के लिए सही चरण अनुक्रम आवश्यक है।
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तुल्यकालन: एकाधिक जेनरेटर या मोटरों को तुल्यकालित करते समय यह अत्यंत महत्वपूर्ण है.
