बौद्ध धर्म के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?
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यह जाति व्यवस्था को अस्वीकार करता है।
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यह अष्टांगिक मार्ग का प्रचार करता है।
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यह मोक्ष प्राप्त करने पर केंद्रित है।
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यह मूर्ति पूजा को प्रोत्साहित करता है।
विकल्प:
केवल 1, 2 और 3
केवल 1 और 2
केवल 1, 3 और 4
उपरोक्त सभी
Answer and explanation
सही उत्तर है B: केवल 1 और 2।
सही कथन:
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'यह जाति व्यवस्था को अस्वीकार करता है।' — सही। बौद्ध धर्म समानता को बढ़ावा देता है और प्राचीन भारतीय समाज में प्रचलित कठोर जाति व्यवस्था को अस्वीकार करता है। यह सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी के लिए आध्यात्मिक मार्ग की वकालत करता है।
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'यह अष्टांगिक मार्ग का प्रचार करता है।' — सही। अष्टांगिक मार्ग बौद्ध धर्म की केंद्रीय शिक्षा है जिसमें सम्यक दृष्टि, सम्यक संकल्प, सम्यक वाक्, सम्यक कर्म, सम्यक आजीविका, सम्यक व्यायाम, सम्यक स्मृति और सम्यक समाधि शामिल हैं। इसका उद्देश्य ज्ञान प्राप्त करना और दुख का अंत करना है।
गलत कथन:
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'यह मोक्ष प्राप्त करने पर केंद्रित है।' — गलत। बौद्ध धर्म निर्वाण प्राप्त करने पर केंद्रित है — जन्म-मृत्यु के चक्र (संसार) से मुक्ति और दुख का अंत। यह हिंदू धर्म की मोक्ष अवधारणा से दार्शनिक रूप से भिन्न है।
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'यह मूर्ति पूजा को प्रोत्साहित करता है।' — गलत। प्रारंभिक बौद्ध धर्म ने मूर्ति पूजा को प्रोत्साहित नहीं किया; यह शिक्षाओं और ध्यान पर केंद्रित था। बाद के महायान बौद्ध धर्म में मूर्ति पूजा अधिक प्रचलित हुई, लेकिन यह बौद्ध दर्शन का मूलभूत पहलू नहीं है।
बौद्ध धर्म की मुख्य शिक्षाएँ:
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चार आर्य सत्य: दुख, दुख का कारण (तृष्णा), दुख का निरोध, और निरोध का मार्ग।
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अष्टांगिक मार्ग: नैतिक और मानसिक विकास के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन, जो अंततः निर्वाण की ओर ले जाता है।
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निर्वाण: बौद्ध धर्म का अंतिम लक्ष्य — पुनर्जन्म के चक्र का अंत और दुख से मुक्ति।
