निम्न में से कौनसे मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत न्यायालय के परिवाद ग्रहण करने के स्थानीय क्षेत्राधिकार के बिन्दु को संशोधन अध्यादेश, 2015 के परिप्रेक्ष्य में निर्णित किया?
Correct Answer: A — (2016) 2 SCC 75, ब्रिजस्टोन इण्डिया प्रा. लि. बनाम् इन्दरपाल सिंह।
Explanation:
सही उत्तर (2016) 2 SCC 75, ब्रिजस्टोन इण्डिया प्रा. लि. बनाम् इन्दरपाल सिंह है।
ब्रिजस्टोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बनाम इंद्रपाल सिंह (2016) 2 एस.सी.सी. 75 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 2015 के संशोधन अध्यादेश के संदर्भ में परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत परिवाद ग्रहण करने के स्थानीय क्षेत्राधिकार के बिन्दु पर फैसला किया।
न्यायालय ने कहा कि नई सम्मिलित धारा 142(2) के अनुसार धारा 138 के तहत अपराध की जांच और सुनवाई केवल उस न्यायालय द्वारा की जाएगी जिसके स्थानीय क्षेत्राधिकार में भुगतानकर्ता या धारक का खाता रखने वाली बैंक शाखा स्थित है। न्यायालय ने यह भी कहा कि धारा 142(2) और 142-A को सम्मिलित करना दशरथ रूपसिंह राठौड़ (2014) 9 एस.सी.सी. 129 के निर्णय का प्रत्यक्ष परिणाम था।