1.
'हे सजीले हरे सावन,
हे कि मेरे पुण्य पावन,
तुम बरस लो वे न बरसें,
पांचवें को वे न तरसें।'
उपर्युक्त काव्य पंक्तियों में किसके न बरसे की बात की गई है?
A
माता-पिता
B
भाई-बहन
C
पत्नी
D
उपर्युक्त सभी
Answer and explanation
Correct Answer: A — माता-पिता
इन पंक्तियों में कवि माता-पिता की आँखों के न बरसने की बात करता है — अर्थात् सावन से प्रार्थना की गई है कि वह चाहे जितना बरसे, पर माता-पिता की आँखों में अपने पाँचवें पुत्र की याद में आँसू न आने दे। यह कविता 'घर की याद' भवानी प्रसाद मिश्र द्वारा रचित है, जो 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल में लिखी गई थी।
