आरोह भाग-1 के अनुसार 'नमक का विभाग बनने के बाद लोग नमक का व्यापार __________ करने लगे।'
खुलकर
चोरी-छिपे
भारी मात्रा में
कम
Answer and explanation
नमक का विभाग बनने के बाद लोग नमक का व्यापार चोरी-छिपे करने लगे, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ा और दारोगा का पद लालच का केन्द्र बन गया। यह पंक्ति मुंशी प्रेमचंद (1880–1936) द्वारा लिखित कहानी 'नमक का दारोगा' से है जो आरोह भाग-1 में संकलित है और धन के ऊपर ईमानदारी की जीत का आदर्श प्रस्तुत करती है।
