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श्री कमल अपने छात्रों को 'सामाजिक विज्ञापन' की अवधारणा समझाना चाहते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण सबसे कम प्रासंगिक है?
Correct Answer: D — एक राजनीतिक दल का चुनावी घोषणापत्र जिसमें बताया गया है कि वे किन मुद्दों पर काम करेंगे
सही उत्तर: D
सही उत्तर है: एक राजनीतिक दल का चुनावी घोषणापत्र जिसमें यह बताया गया है कि वे किन मुद्दों पर काम करेंगे।
मुख्य बिंदु:
विज्ञापन आज हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सामाजिक विज्ञापन राज्य या निजी संस्थाओं द्वारा किए गए विज्ञापन हैं जिनमें समाज के लिए एक बड़ा संदेश होता है। सामाजिक विज्ञापनों के उदाहरण हैं: स्वच्छ भारत मिशन पर होर्डिंग्स का प्रदर्शन, कन्या भ्रूण हत्या पर पर्चे का वितरण, और धूम्रपान के दुष्परिणामों पर अखबार का विज्ञापन।
इस प्रकार, एक राजनीतिक दल का चुनावी घोषणापत्र सामाजिक विज्ञापन का सबसे कम प्रासंगिक उदाहरण है।
अतिरिक्त जानकारी:
चुनावी घोषणापत्र एक राजनीतिक दस्तावेज है जो सत्ता में आने पर दल की नीतियों और योजनाओं को रेखांकित करता है, जबकि सामाजिक विज्ञापन एक सामाजिक संदेश या उद्देश्य को बढ़ावा देता है। चुनावी घोषणापत्र विशेष रूप से मतदाताओं को लक्षित करता है, जबकि सामाजिक विज्ञापन आम जनता को लक्षित करता है। दोनों का उद्देश्य, दर्शक वर्ग और ध्यान केंद्र अलग-अलग हैं।