लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 25 के अनुसार, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के अंतर्गत बालक का कथन मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया जाना चाहिए:
Correct Answer: B — अभियुक्त के अधिवक्ता की उपस्थिति में अभिलेखित नहीं किया जाएगा।
Explanation:
सही उत्तर विकल्प 2 है।
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 25 मजिस्ट्रेट द्वारा बालक के कथन को अभिलिखित करने से संबंधित है। यदि बालक का कथन दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 164 के अधीन अभिलिखित किया जा रहा है, तो ऐसा कथन अभिलिखित करने वाला मजिस्ट्रेट बालक द्वारा बोले गए कथन को यथारूप अभिलिखित करेगा। संहिता की धारा 164(1) का प्रथम परन्तुक जहां तक अभियुक्त के अधिवक्ता की उपस्थिति की अनुमति देता है, इस मामले में लागू नहीं होगा। पुलिस द्वारा धारा 173 के अधीन अंतिम प्रतिवेदन प्रविष्ट किए जाने पर मजिस्ट्रेट बालक और उसके माता-पिता या प्रतिनिधि को धारा 207 के अधीन निर्दिष्ट दस्तावेज की एक प्रति उपलब्ध कराएगा।