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निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अध्यादेश 2018 तत्काल तीन तलाक को अवैध घोषित करता है और इसे अपराध घोषित करता है।
कथन II: यह तलाक की घोषणा को गैर-जमानती अपराध बनाता है।
कथन III: तलाक की घोषणा करने वाले पति को जुर्माने के साथ दो वर्ष तक की कैद हो सकती है।
कथन IV: यह उस मुस्लिम महिला को अधिकार देता है जिसके खिलाफ ट्रिपल तलाक घोषित किया गया है, वह अपने पति से अपने और अपने आश्रित बच्चों के लिए निर्वाह भत्ता मांग सकती है।
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?
Correct Answer: A — (I) और (IV)
सही उत्तर (I) और (IV) है।
अधिनियम यह प्रावधान करता है कि किसी भी रूप में तीन तलाक की कोई भी घोषणा शून्य होगी और तलाक के बाद पत्नी और आश्रित बच्चे निर्वाह भत्ते के हकदार होंगे।
तीन तलाक देने पर पति को तीन वर्ष तक की कैद (दो वर्ष नहीं) और जुर्माना हो सकता है। अध्यादेश अपराध को जमानती या गैर-जमानती के रूप में निर्दिष्ट नहीं करता; जमानत मजिस्ट्रेट के विवेक पर निर्भर है।