मॉक टेस्ट तभी उपयोगी होता है जब उसकी समीक्षा ईमानदारी से की जाए। बिना विश्लेषण के अधिक पेपर हल करने से अक्सर वही गलतियां दोहराई जाती हैं।
चार प्रकार की गलतियों से शुरुआत करें
अवधारणा संबंधी गलती
आपको नियम, तथ्य या विधि स्पष्ट नहीं थी।
स्मरण संबंधी गलती
आपने विषय पढ़ा था, लेकिन दबाव में उसे याद नहीं कर पाए।
भ्रम या ट्रैप वाली गलती
विषय आता था, लेकिन प्रश्न की भाषा, विकल्पों या भ्रामक प्रस्तुति में गलती हो गई।
समय प्रबंधन की गलती
आप प्रश्न हल कर सकते थे, लेकिन गति संतुलित नहीं रही।
एक छोटा समीक्षा-पत्र बनाएं
हर मॉक के बाद यह लिखें:
- स्कोर
- सटीकता
- छोड़े गए प्रश्न
- मुख्य कमजोर विषय
- बार-बार होने वाली गलती का प्रकार
अंतिम नियम
यदि मॉक विश्लेषण आपके अगले सप्ताह की पढ़ाई में कोई बदलाव नहीं लाता, तो वह मॉक केवल एक संख्या बनकर रह गया।
